==* मेरी मोहोब्बत *==

माना की हसीं वहम है मोहोब्बत
मगर बड़ी ही बेरहम है मोहोब्बत
चाहते भी क्या थी इस नादाँ दिलकी
वफ़ा में जो पाया जख्म है मोहोब्बत

चाहो भी शिद्दतसे अगर किसीको
पालो अगर तो मरहम है मोहोब्बत
हर एक की तक़दीर में नही होती
हो तो रहमत-ए-करम है मोहोब्बत

हम तो है ही जिंदा उनकी यादों में
हम कब कहे की कम है मोहोब्बत
उनको रुलाने की सोच भी न पाये
दी गई हमारी ये कसम है मोहोब्बत

गर जी सके वो तो शौक से जिले
जुदाई में हासील गम है मोहोब्बत
हम तो करेंगे इंतजार ताउम्र उनका
गर वो आये तो संगम है मोहोब्बत
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शशिकांत शांडिले, नागपुर
भ्र.९९७५९९५४५०
Meri Mohobbat

8 Comments

  1. shrija kumari 27/06/2016
  2. babucm 27/06/2016
  3. आदित्‍य 27/06/2016
  4. SD 27/06/2016
  5. निवातियाँ डी. के. 27/06/2016
  6. sarvajit singh 28/06/2016
  7. SD 28/06/2016

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