वादा….

वादा….

वादा करके तुम आये नहीं ,,,,,,,,,,,,,,,,!
क्या हमारी मुहब्बत के हसीं पल तुम्हे रास आये नहीं !
नजरो में तो था इंकार नहीं…………….!
या जग की ख़याली तजवीज़ के खौफ से निकल पाये नहीं !!
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डी. के. निवातियाँ ________+++

(साइट की किसी तकनिकी खराबी के कारण “वादा” रचना अपने वादे से भटक गई जिस कारण उस पर दिए गए आप लोगो के अमूल्य वक्तव्य भी शायद अपना “वादा” भूलकर कही भटक गए जो मेरे लिए अमूल्य धरोहर है …….इसलिए आप सभी का क्षमा प्राथी हूँ !! )

17 Comments

  1. sarvajit singh 25/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 26/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 26/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 26/06/2016
  2. अकिंत कुमार तिवारी 25/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 26/06/2016
  3. आदित्‍य 25/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 26/06/2016
  4. C.m.sharma(babbu) 26/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 26/06/2016
  5. Meena bhardwaj 26/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 26/06/2016
  6. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 26/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 26/06/2016
  7. qyxqiflb 11/03/2017

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