वजूद

कसूर तेरा नही कसूर मेरा नही,

जाने कहॉ खो गया वजूद मेरा कही.

करता हूं मै तुझसे पयार बेशुमार,

जाने कयू है तुझको एतबार ये नही.

बस एक बार तो मुडके देख तू जरा;

तेरा इनतजार करता था मै जहॉ करता हूं वही….

6 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 26/06/2016
  2. C.m.sharma(babbu) 26/06/2016
  3. chandramohan kisku 26/06/2016
  4. निवातियाँ डी. के. 26/06/2016
  5. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 26/06/2016

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