दुनियाँ – तू ही….सी.एम. शर्मा (बब्बू)…

छम छम बाजे रे पायलिआ….
छम छम बाजे रे पायलिआ
दिल पे गिरे है बिजुरिया…..
दिल पे गिरे है बिजुरिया…..
छम छम बाजे रे पायलिआ…..

सिमटी रातें कजरारे नयन में…
सांसें झूमें संग बाली कानन के…
सांसें झूमें संग बाली कानन के…
डस रही जुल्फें नगनियां…..

अधर शबनमी जब जब लरजें…
होश उड़ाएं पागल हुए मन के…
होश उड़ाएं पागल हुए मन के…
मन नाचे ता ता थएआ….
छम छम बाजे रे पायलिआ….

गाल तेरे हैं लाल गुलाबी….
मन हो जाए देख शराबी….
दिल पे चले हैं छुरियाँ……
दिल पे चले हैं छुरियाँ……
छम छम बाजे रे पायलिआ….

टप टप मटके जब तेरी कमरिया….
छप छप छलके प्यार की गगरिया…
अंग अंग करत नचनियाँ….
अंग अंग करत नचनियाँ….
छम छम बाजे रे पायलिआ….

चाल से तेरे गीत सजाऊँ….
आँखें तर से प्रीत जगाऊँ….
” बब्बू” की यही दुनियाँ…..
छम छम बाजे रे पायलिआ….
दिल पे गिरे है बिजुरिया…..
छम छम बाजे रे पायलिआ….
आ आ आ आ…..
छम छम बाजे रे पायलिआ….
आ आ आ आ…..
छम छम बाजे रे पायलिआ….
\
/सी.एम. शर्मा (बब्बू)

20 Comments

  1. mani 20/06/2016
    • babucm 20/06/2016
    • babucm 20/06/2016
    • babucm 20/06/2016
  2. Shishir "Madhukar" 20/06/2016
    • babucm 20/06/2016
  3. arun kumar tiwari 20/06/2016
    • babucm 20/06/2016
  4. अकिंत कुमार तिवारी 20/06/2016
    • babucm 20/06/2016
  5. Dr Swati Gupta 20/06/2016
    • babucm 21/06/2016
  6. sarvajit singh 20/06/2016
    • babucm 21/06/2016
  7. निवातियाँ डी. के. 20/06/2016
    • babucm 21/06/2016
  8. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 21/06/2016
    • babucm 21/06/2016

Leave a Reply