मंजिल ए सफर – शिशिर मधुकर

जिंदगी कुछ नहीँ बस मिलन और जुदाई का सिलसिला भर है
हकीक़त जानते हैं सब तो फ़िर इन दिलों में क्यों बसा डर है
ग़म और खुशी मिलते है सबको इस सच को जब तुम मान लोगे
चैन जीबन में मिलेगा और मंजिल ए सफर तुम पहचान लोगे .

शिशिर मधुकर

14 Comments

  1. babucm 18/06/2016
    • Shishir "Madhukar" 18/06/2016
  2. योगेश कुमार 'पवित्रम' 18/06/2016
  3. Shishir "Madhukar" 18/06/2016
  4. arun kumar tiwari 18/06/2016
  5. Shishir "Madhukar" 18/06/2016
  6. निवातियाँ डी. के. 18/06/2016
  7. Shishir "Madhukar" 18/06/2016
  8. mani 18/06/2016
  9. Shishir "Madhukar" 18/06/2016
  10. Shishir "Madhukar" 18/06/2016
  11. sarvajit singh 18/06/2016
  12. Shishir "Madhukar" 19/06/2016

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