सच

वो सच है
जो परे है
सही और गलत के ठप्पों से,
अच्छे और बुरे की राजनीती से,
धर्म और इमां की नसीहतों से,
हार और जीत के बोझ से,
यहाँ और वहां के दायरों से,
काले और सफ़ेद के फ़र्क से,
गिनत और अनगिनत की सीमाओं से,
तुम्हारे और मेरे के होने से,
जो परे है
वही सच है।

5 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 15/06/2016
  2. arun kumar tiwari 16/06/2016
  3. चेतन 16/06/2016
  4. babucm 16/06/2016
  5. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 17/06/2016

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