चिड़िया रानी ………..

सुबह सवेरे वो आती है
मुझको रोज जगाती है
सुर में जब वो गाती है
मुझको बहुत लुभाती है

अजब गजब उसकी भाषा
अजब गज़ब उसकी बोली है
दिखने में लगती बड़ी चंचल
पर आदत से वो बड़ी भोली है ।।

बाहे फैलाकर मुझे बुलाती है
और गीत ख़ुशी के गाती है
सुनकर उसकी मधुर पुकार
दिल की गिरह खुल जाती है ।।

रास रसीली, कोमल गात
मुरझा जाये वो लगते हाथ
इशारो में होती अपनी बात
खूब भाता हमे दूजे का साथ ।।

उसके आनी से आँगन चहके
घर का कोना। कोना महके
तन मन मंगलमय हो जाता
संग में उसके कुछ पल रहके ।।

नीरस ह्रदय की वो उमंग है
मेरे जीवन में भरती रंग है
जिंदगी की एक कड़ी बनके
सदा चलती वो मेरे संग है ।।

तुम कहते हो तो नाम बता दूँ
उसके रहने का स्थान बता दूँ
न समझो उसे कोई पहेली
सबसे उसका परिचय करा दूँ ।।

नन्ही सी वो बड़ी प्यारी सी है
सुनहरे रंग की चिड़िया उसका नाम !!
नित्य भोर में मिलने आती है
दे जाती है मुझे निश दिन जीने का आयाम !!
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डी. के. निवातियाँ [email protected]

20 Comments

    • निवातियाँ डी. के. 17/06/2016
  1. babucm 17/06/2016
  2. निवातियाँ डी. के. 17/06/2016
  3. Shishir "Madhukar" 17/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 17/06/2016
  4. Rajeev Gupta 17/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 17/06/2016
  5. omendra.shukla 17/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 17/06/2016
  6. विजय कुमार सिंह 17/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 17/06/2016
  7. mani 17/06/2016
    • dknivatiya 17/06/2016
  8. sarvajit singh 18/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 18/06/2016
  9. योगेश कुमार 'पवित्रम' 18/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 18/06/2016
  10. arun kumar tiwari 18/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 18/06/2016

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