तेरा मेरा अफसाना – शिशिर मधुकर

ये दुनियाँ वाले क्या समझेंगे तेरा मेरा अफ़साना
हम दोनो के दर्द को जब अपनों ने ना पहचाना
तुझको रूस्वा करने का मेरा कोई अरमान नहीँ
हमको आता है चाहत में हँसते हँसते मिट जाना

शिशिर मधुकर

10 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 13/06/2016
  2. mani 13/06/2016
    • Shishir "Madhukar" 13/06/2016
  3. babucm 13/06/2016
    • Shishir "Madhukar" 14/06/2016
  4. विजय कुमार सिंह 13/06/2016
    • Shishir "Madhukar" 14/06/2016
  5. आदित्‍य 14/06/2016
    • Shishir "Madhukar" 14/06/2016

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