जिना आजाये

होंगी नहीं रुसवाई ज़माने से मुसीबत में जीना आजाए !
न हो उम्मीद किसी से तो तसल्ली से जीना आजाए !
मुश्किल नहीं है जीना गर अपना बनाना आजाए !
मज़ा आएंगे जामे कौसर का गर pina तुम्हे आजाए !
[ आशफाक खोपेकर]

5 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 09/06/2016
    • Ashfaque Khopekar 09/06/2016
  2. mani 09/06/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 10/06/2016
  4. babucm 10/06/2016

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