कुछ दिनों से दिल

कुछ दिनों से दिल बेताब सा है,
कोई आया ज़िंदगी मे जैसे ख्वाब सा है…
कोई अहमियत नही है मेरी उसकी ज़िंदगी मे लेकिन,
मेरी ज़िंदगी मे “इंदर” वो नूर-ए-आफताब सा है….

…इंदर भोले नाथ…

2 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 01/06/2016
  2. Inder Bhole Nath 01/06/2016

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