सास और बहु

Relation between mother_inlaw and daughter_inlaw

सास बहु की जंग तो सबसे न्यारी है,
कहीं सास बहु पर,तो कही बहु सास पर भारी है।
ऐसी अनोखी जंग है ये,जहाँ एक ही अस्त्र काफी है,
जिसको जीवः अस्त्र कहती दुनिया सारी है।
सारे अस्त्र तो देते घाव शरीर को हैं,पर दिल को चोट पहुँचाने की इसकी कला ही न्यारी है।
इसमे कभी बेटा तो कभी पति की पिसती खुद्दारी है।
यदि माँ की हाँ में हाँ मिलाये,तो बीवी को चुभता भारी है।
यदि बीवी से मिलाये नयन,तो जोरू का गुलाम कहने की सास की बारी है।
सास बेटे को दी सीख पर इतराये,तो बहु कहे कि अब पति को सिखाने की मेरी बारी है।
सास बहु की जंग तो सबसे न्यारी है,
कहीं सास बहु पर तो कही बहु सास पर भारी है।
सास कहे,ये घर तो मेरा है, बहु दूसरे घर से आई है,
बहु कहे,पराया घर छोड़ अपने घर में आई हूँ,
अब इस घर को सँभालने की मेरी जिम्मेदारी है।
सास बहु की जंग तो सबसे न्यारी है,
कही सास बहु पर तो कही बहु सास पर भारी है।
By:Dr Swati Gupta

5 Comments

  1. mani 30/05/2016
  2. Shishir "Madhukar" 30/05/2016
  3. Rajeev Gupta 30/05/2016
  4. sarvajit singh 30/05/2016
  5. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 31/05/2016

Leave a Reply