अपमान- शिशिर मधुकर

जो जिस्म इंसानो में साथ जुड़ते हैं
उन सबसे दूर मुँह कभी ना मुड़ते हैं
माँ जनम दे कर दूध जब पिलाती है
उसकी गाली और मार भी सुहाती है
पत्नी पति से कुछ भी ना छुपाती है
उसके झगडे ये दुनियाँ भूल जाती है
सिवा ऐसों के जो भी दिल दुखाता है
वो अपमान इंसान ना भुला पाता है

शिशिर मधुकर

10 Comments

  1. mani 29/05/2016
    • Shishir "Madhukar" 30/05/2016
  2. sarvajit singh 29/05/2016
    • Shishir "Madhukar" 30/05/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 29/05/2016
  4. Shishir "Madhukar" 30/05/2016
  5. Rajeev Gupta 30/05/2016
  6. Shishir "Madhukar" 30/05/2016
  7. Dr Swati Gupta 30/05/2016
  8. Shishir "Madhukar" 30/05/2016

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