दीवाना – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

दीवाना

नज़रे इनायत हो गयी उनकी ………………….
तो हम भी मोहब्बत कर बैठे
वरना कभी सोचा ना था …………………………
के हम भी किसी को दीवाना कर पायेँगे

शायर : सर्वजीत सिंह
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8 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 29/05/2016
  2. sarvajit singh 29/05/2016
  3. mani 29/05/2016
    • sarvajit singh 29/05/2016
  4. Shishir "Madhukar" 29/05/2016
    • sarvajit singh 29/05/2016
  5. Dr Swati Gupta 30/05/2016
  6. sarvajit singh 31/05/2016

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