खिलौना – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

खिलौना

खेलो ना मेरे दिल से
अपना दिल बहलाने को ……….
खिलौने तो मिलेंगे ओर भी बहुत
तुम्हें तोड़ने के लिए ……………

शायर : सर्वजीत सिंह
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6 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 27/05/2016
    • sarvajit singh 27/05/2016
  2. Shishir "Madhukar" 27/05/2016
    • sarvajit singh 27/05/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 27/05/2016
  4. sarvajit singh 27/05/2016

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