राहें उल्फ़त की – शिशिर मधुकर

हमें तुमसे मुहब्बत है ये तो हम कह नहीँ सकते
मगर ये नैन दो मेरे सदा तेरे ही रूप को तकते
कितनी भी कठिन हो जिंदगी में राहें उल्फ़त की
मुसाफिर इस डगर के उम्र भर चलते नहीं थकते

शिशिर मधुकर

7 Comments

  1. babucm 26/05/2016
  2. प्रियंका 'अलका' 26/05/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 26/05/2016
  4. निवातियाँ डी. के. 26/05/2016
  5. sarvajit singh 26/05/2016
  6. sarvajit singh 26/05/2016
  7. Shishir "Madhukar" 26/05/2016

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