शादी की सालगिरह

I want to dedicate this poem to my husband..

कल तक जिस रिश्ते से अनजान थी,
आज वही रिश्ता खास है,
वो मेरे दिल के पास है,
वो मेरा अभिमान है,
उनकी हर बात का मुझको मान है,
सारे रिश्ते छूट जाते हैं बदलते वक्त के साथ,
पर पति पत्नी का रिश्ता होता है मजबूत,
हर वक्त के साथ,
बिन देखें, बिन जाने जिससे रिश्ता जोड़ते है हम,
वो हमारा जीवनसाथी बन जाता है,
और पता ही नहीं चलता कब वो,
दिल की हर धड़कन में समा जाता है,
और ये रिश्ता दिल के साथ साथ,
आत्मा से भी जुड़ जाता है,
इसीलिए सच ही कहते है,
ये रिश्ता स्वर्ग में तय होता है,
और धरती पर आकर,
शादी की डोर में बंध जाता है,
और इन मधुर पलों के अहसास को,
फिर से ताजा कर सके हम,
इसलिए तो दोस्तों ये दिन प्रतिवर्ष,
शादी की सालगिरह के रूप में मनाया जाता है।
By:Dr Swati Gupta

13 Comments

  1. RAJEEV GUPTA 25/05/2016
    • Dr Swati Gupta 28/05/2016
  2. RAJEEV GUPTA 25/05/2016
  3. babucm 25/05/2016
    • Dr Swati Gupta 28/05/2016
  4. mani 25/05/2016
    • Dr Swati Gupta 28/05/2016
  5. निवातियाँ डी. के. 25/05/2016
    • Dr Swati Gupta 28/05/2016
  6. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 25/05/2016
    • Dr Swati Gupta 28/05/2016
  7. Shishir "Madhukar" 25/05/2016
    • Dr Swati Gupta 28/05/2016

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