आओ चमन की बात करें…..

आओ चमन की बात करें….
खुशियां उगाने की बात करें…
क्या रखा है रोने राने में…
हंसने हंसाने की बात करें…

बचपन को फिर से जीने की बात करें…
नानी की कहानिओं को याद करें…
रोज़ आती हैं परियां अब भी….
हो पंखों पे सवार उड़ने की बात करें…

कमियां मुझमें बहुत हैं तो खाली तू भी कहाँ है उनसे…
फिर क्यूँ लांछन एक दुसरे पे लगा..चमन की खुशबू मिटायें…
क्यूँ ना भीतर झाँक पहले अपनी पहचान पाएं…
दिल से दिल मिलाएं…एक दुसरे के हो जाएँ…

बारिश हो या तूफ़ान…रुकते नहीं ये सूरज चाँद…
हम ही क्यूँ फिर थम जाएँ…मुश्किल जब कभी पड़ जाए…
पकड़ हाथ एक दुसरे का चन्दर..खुद चलें औरों को भी चलाएं…
यूं ज़िन्दगी को बनाएं…अपना चमन है आओ मिल सब महकाएं….

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/सी.एम. शर्मा (बब्बू)

12 Comments

  1. babucm 24/05/2016
  2. mani 24/05/2016
    • babucm 25/05/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 24/05/2016
    • babucm 25/05/2016
  4. Shishir "Madhukar" 24/05/2016
    • babucm 25/05/2016
  5. Kajalsoni 25/05/2016
    • babucm 25/05/2016
    • babucm 25/05/2016
      • निवातियाँ डी. के. 25/05/2016
        • babucm 25/05/2016

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