सज़ा – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

सज़ा

हमारा दिल तोड़ने की
उनको मिली है ऐसी सज़ा …………
के जिन्दगी भर भटकते रहे वो फिर
मोहब्बत की तलाश में …………….

शायर : सर्वजीत सिंह
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8 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 24/05/2016
    • sarvajit singh 24/05/2016
  2. Shishir "Madhukar" 24/05/2016
    • sarvajit singh 24/05/2016
  3. babucm 25/05/2016
    • sarvajit singh 25/05/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 25/05/2016
    • sarvajit singh 25/05/2016

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