सांसे – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

सांसे

उनकी मोहब्बत से धड़कता था ये दिल
क्योंकि वो ही हमारी जिन्दगी थे ……….
टूट रही हैं सांसे अब तो
उनके मुँह फेर के जाने के बाद ………….

शायर : सर्वजीत सिंह
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8 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 23/05/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 23/05/2016
    • sarvajit singh 23/05/2016
  3. Shishir "Madhukar" 23/05/2016
  4. C.m. sharma(babbu) 23/05/2016
    • sarvajit singh 23/05/2016

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