पाप और पुण्य

We should follow the way of punya to get the true love and affection of God..
“पाप और पुण्य के चक्रव्यूह में, फंसा हुआ इंसान है।
सब कुछ जानते हुए भी, बना हुआ अनजान है।
पाप करने से मिलता नरक है,
और पुण्य से खुलता स्वर्ग का द्वार है।
फिर भी नासमझ बना हुआ इंसान है।
पाप के रास्ता बहुत ही आसान है।
जिसमे गलत तरीके अपनाकर,
व्यक्ति पाता भौतिक सुखों का मार्ग है।
अपनी खुशियां पाने के लिए,
दूसरों को देता कष्ट हजार है।
लेकिन अंत में उसको मिलता,नरक का वास है।
पाप और पुण्य के चक्रव्यूह में, फँसा हुआ इन्सान है।
सब कुछ जानते हुए भी, बना हुआ अनजान है।
पुण्य की राह में,काँटों का अम्बार है।
जिसको पार करने में, कष्ट आते हजार हैं।
लेकिन धर्म को अपनाकर व्यक्ति,
उन काँटो में भी बनाता, पुष्पो का मार्ग है।
और अंत में पाता, भगवान का प्यार है।
फिर खुलता उसके लिए,स्वर्ग का द्वार है।”
By:Dr Swati Gupta

7 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 23/05/2016
    • Dr Swati Gupta 23/05/2016
      • Dr Swati Gupta 23/05/2016
  2. babucm 23/05/2016
    • Dr Swati Gupta 23/05/2016
  3. निवातियाँ डी. के. 23/05/2016
    • Dr Swati Gupta 23/05/2016

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