नशा – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

नशा

सूरत उनकी देख कर ………..
इक नशा सा छा जाता है
बरसों अब तो बीत गए ……….
मधुशाला में हमें गए हुए

शायर : सर्वजीत सिंह
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8 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 22/05/2016
    • sarvajit singh 22/05/2016
  2. निवातियाँ डी. के. 22/05/2016
    • sarvajit singh 22/05/2016
  3. C.m. sharma(babbu) 22/05/2016
    • sarvajit singh 22/05/2016
  4. Shishir "Madhukar" 22/05/2016

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