नशा “एक लाईलाज बीमारी”

पान मशाला सिगरेट गुटखा
जिसके भी मुँह में है अटका
कर रहा मजाक वह निज से
मौत नजदीक आ रही इससे

शौक शौक लोग खाते जहर
कितनों का घर गया उजड़
कितने बच्चे हो गए अनाथ
कितनों का हुवा सत्यानाश

रोज करते है मेहनत मजदूरी
खाते तम्बाकू सिगरेट तंदूरी
बमुश्किल है दो जून की रोटी
कहते है उनकी किस्मत खोटी

हर पल भले रहे पैसे की तंगी
स्कूल न जा सकें बच्चे अड़भंगी
नहीं छोड़ते है तम्बाकू सिगरेट
खरीदते है, चाहे जो भी हो रेट

भिज्ञ सभी, इससे होता कैंसर
समझाने का नहीं कोई असर
डॉक्टर खुद जब सेवन करते
फिर दुसरे किससे सिख लेते

युवाओं को चढ़ी नशे की यारी
दूर कैसे हो लाईलाज बीमारी
युवा शक्ति का यह कैसा क्षय
जिन्हें न रहा सामाजिक भय

गायक अभिनेता या हो माडल
जिनकी स्टाईल का होता नकल
सबकी है सामूहिक जिम्मेदारी
नशा मुक्त हो नव पीढ़ी हमारी।।।।
..
✍सुरेन्द्र नाथ सिंह “कुशक्षत्रप”✍

20 Comments

  1. Kajalsoni 21/05/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 21/05/2016
  2. Rajeev Gupta 21/05/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 21/05/2016
  3. विजय कुमार सिंह 21/05/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 21/05/2016
  4. MANOJ KUMAR 21/05/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 21/05/2016
  5. Shishir "Madhukar" 21/05/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 21/05/2016
  6. Meena bhardwaj 21/05/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 21/05/2016
  7. निवातियाँ डी. के. 21/05/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 21/05/2016
  8. sarvajit singh 21/05/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 22/05/2016
  9. C.m. sharma(babbu) 22/05/2016
  10. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 22/05/2016
  11. Rinki Raut 22/05/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 22/05/2016

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