इज़हार – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

इज़हार

आँखों से उनकी इकरार तो झलकता है
पर लब से वो इज़हार नहीं करते …………………………….
हमें भी इंतज़ार है के कब तक छुपा के रखेंगे
मोहब्बत की वो आग जो दिल में लगाई है हमनें …………..

शायर : सर्वजीत सिंह
[email protected]

12 Comments

  1. C.m. sharma (babbu) 20/05/2016
    • sarvajit singh 20/05/2016
  2. Shishir "Madhukar" 20/05/2016
    • sarvajit singh 20/05/2016
  3. Kajalsoni 20/05/2016
    • sarvajit singh 20/05/2016
  4. MANOJ KUMAR 20/05/2016
    • sarvajit singh 21/05/2016
  5. निवातियाँ डी. के. 21/05/2016
  6. sarvajit singh 21/05/2016
  7. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 21/05/2016
  8. sarvajit singh 21/05/2016

Leave a Reply