नफरत कि आग………….

नफरत कि आग

वो इस कदर नफरत कि आग दिल मे लगाये बैठे है,
कि अब तो हमारी दुआ सलाम भी बद्दुआ माफिक लगती है ।

कई बार देखा है मिलाकर उनसे नजरो को
खौफ का आलम ये है कि अब वो भी खंजर माफिक लगती है ।।



डी़ के़ निवातियॉ[email protected]

10 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 21/05/2016
  2. C.m.sharma (babbu) 21/05/2016
    • निवातियाँ डी. के. 21/05/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 21/05/2016
    • निवातियाँ डी. के. 21/05/2016
  4. Shishir "Madhukar" 21/05/2016
    • निवातियाँ डी. के. 21/05/2016
  5. sarvajit singh 21/05/2016
    • निवातियाँ डी. के. 21/05/2016
  6. MANOJ KUMAR 22/05/2016

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