प्यार और सत्कार – शिशिर मधुकर

जिधर भी प्यार होता है वहाँ सत्कार होता है
नफरत भरे दिल से तो बस तिरस्कार होता है
किसी को मारना हो तो उसे नीचे गिरा दो तुम
गीत गैरों के सुन हो जाएगा वो तन्हाईयों में गुम
यही व्यवहार तो तुमने सदा मेरे साथ किया है
फ़िर तुम कैसे कहते हो मैंने तो प्यार किया है

शिशिर मधुकर

16 Comments

  1. MANOJ KUMAR 18/05/2016
  2. Shishir "Madhukar" 18/05/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 18/05/2016
    • Shishir "Madhukar" 18/05/2016
  4. Naval Pal Parbhakar 18/05/2016
    • Shishir "Madhukar" 18/05/2016
  5. babucm 18/05/2016
  6. Shishir "Madhukar" 18/05/2016
  7. Kajalsoni 18/05/2016
  8. Shishir "Madhukar" 18/05/2016
  9. Meena bhardwaj 18/05/2016
  10. Rajeev Gupta 18/05/2016
    • Shishir "Madhukar" 18/05/2016
  11. Shishir "Madhukar" 18/05/2016
  12. निवातियाँ डी. के. 19/05/2016
  13. Shishir "Madhukar" 19/05/2016

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