दिल से दिल तक…

१) चंद हसीं सांसें शायद हो जाएँ हासिल
गर तुझसे नफरत करना ये दिल सीख ले

२) सब कहते हैं मेरे चेहरे की रौनक चली गयी
कैसे कहूं वो नूर तो तेरी नज़रों ने बक्शा था

३) बहार ले आता है तेरा ख्याल
किताब में रखा वो सूखा फूल भी खिल उठता है

४) समझ से बाहर हैं कुछ रिश्तें
इन्हें चुपचाप जीतें रहे ,तो ही अच्छा है

५) आगाह किया था इस दिल ने मुझे
मैंने एक न सुनी , और इश्क़ हो गया

६) आशिक़ाना तबियत है मेरी
पर एक दिल भी है जो जीता है तेरे सिरहाने

७) ये मुनासिब नहीं की हम तुम मिलें
दुनिया के तंग दायरों में दम घुट जाएगा

८) हर दफा तुझी से इश्क़ हो गया
हर दफा लगा तू नया सा
हर दफा तू जुदा हो जाएगा
ऐसी ख्वाहिश न की थी हमने

–स्वाति नैथानी

11 Comments

  1. mani786inder 15/05/2016
    • Swati naithani 18/05/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 16/05/2016
    • Swati naithani 18/05/2016
  3. babucm 16/05/2016
    • Swati naithani 18/05/2016
  4. Shishir "Madhukar" 16/05/2016
    • swati 16/05/2016
  5. Rajeev Gupta 16/05/2016
    • Swati naithani 18/05/2016
  6. निवातियाँ डी. के. 16/05/2016

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