चोर चोर

जाने कब से चोर चोर चिल्ला रहे कुछ सत्ताधारी,
कोयला घोटाला,हवाला घोटाला,
२जी घोटाला, अगस्ता घोटाला,
और जाने कितने घोटाले पे घोटाले,
सरकार तुम्हारी, अधिकार तुम्हारे,
ऐ सी बी, सी बी आई,
इ डी, इनकम टैक्स,
सेल टैक्स, सारा देश साथ तुम्हारे,
फिर क्यों घबराते हो? जाँच क्यों नहीं तुम करवाते हो?
६० साल हो गए उनको करते घोटाले,
और तुमको चोर चोर चिल्लाते,
ना उनको कुछ फर्क पड़ा, ना तुम्हार कुछ बिगड़ा,
मीडिया को मिल गया मसाला,
और जनता सोच रही किसने किया घोटाला,
क्यों नहीं कहते? ये सभी मिलीभगत का बोलबाला है,
किया हर किसी ने है घोटाला,
करोड़ो के विज्ञापन छपवा दिए,
कभी खुद को उठाने में, कभी किसी को गिराने में,
तुम्हारे क्या गया टैक्स जनता का खा गए,
कैंटीन तुम्हारी में २६ रूपये में ५६ भोज मिलता है,
और यहाँ सारा दिन धुप में सड़कर,
दो वक्त खाना बड़ी मसकत से मिलता है,
सरकारी बंगले, बोनस भत्ता,
परिवहन भत्ता, मेडिकल भत्ता,
और ना जाने मिलते है कितने भत्ते,
तुम पहनो लाखो के सूट,कोई नहीं पूछेगा,
घूर कर हर कोई देखता है,
जब कोई गरीब खरीद ले नए लत्ते,
जरा सी बारिश, छत से टपकता पानी,
औ अठनी, औ चवनि,
बन गयी हमारे मासूमो की जिंदगानी,
मरता है कोई तो मरे, जलता है कोई दंगो की आग में तो जले,
किसी का पेट क्या भरे, मुंह से निवाला छीन लेते है लोग,
सच कहा “मनी” खुद का ईमान बेच सकून तलाशते है लोग |

6 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 13/05/2016
    • mani786inder 13/05/2016
  2. निवातियाँ डी. के. 13/05/2016
    • mani786inder 13/05/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 13/05/2016
    • mani786inder 14/05/2016

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