परम उद्देश्य – शिशिर मधुकर

राधा ने मोहन को जब दिल में बसा लिया
अपने रोम रोम में तब कान्हा को पा लिया
कुछ बात खास थी वृषभानुजा के प्यार में
कन्हैया भी जो बँध गए उसके अधिकार में
प्रेम की इस गहराई को जिसने भी पा लिया
जीवन के परम उद्देश्य को उसने निभा लिया

शिशिर मधुकर

13 Comments

  1. MANOJ KUMAR 11/05/2016
    • Shishir "Madhukar" 12/05/2016
  2. निवातियाँ डी. के. 11/05/2016
    • Shishir "Madhukar" 12/05/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 11/05/2016
    • Shishir "Madhukar" 12/05/2016
  4. आभा 11/05/2016
    • Shishir "Madhukar" 12/05/2016
  5. sarvajit singh 12/05/2016
  6. sarvajit singh 12/05/2016
    • Shishir "Madhukar" 12/05/2016
  7. babucm 12/05/2016
  8. Shishir "Madhukar" 12/05/2016

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