बेईमान – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

बेईमान

सुनहरी धूप को ना बदलो काली घटा में
अपनी ज़ुल्फ़ें लहरा कर …………………….
अगर मौसम बेईमान हुआ
तो ये दिल भी मचल जाएगा ………………..

शायर : सर्वजीत सिंह
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6 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 12/05/2016
    • sarvajit singh 12/05/2016
  2. Shishir "Madhukar" 12/05/2016
    • sarvajit singh 12/05/2016
      • निवातियाँ डी. के. 12/05/2016
  3. sarvajit singh 23/05/2016

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