ख़ामोशी – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

ख़ामोशी

सब कुछ बयाँ कर देती है खामोशी
जब दिल से दिल की बात हो …………………..
गूंगा बेहरा हो जाता है इश्क़
जब दो दिलों का साथ हो ………………………

शायर : सर्वजीत सिंह
[email protected]

6 Comments

  1. babucm 10/05/2016
    • sarvajit singh 13/05/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 10/05/2016
    • sarvajit singh 13/05/2016
  3. Shishir "Madhukar" 10/05/2016
    • sarvajit singh 13/05/2016

Leave a Reply