माँ , मेरी माँ – Sonu Sahgam

सोनू सहगम

-: मेरी माँ :-

माँ ,मेरी माँ,तेरी बहुत याद आती है
बनकर हवा का झोका तू
मुझे आज भी आकर सहलाती है
माँ, मेरी माँ, तेरी बहुत याद आती है।।

वो रूठना मेरा,मनाना तेरा
वो रोते रोते मुझे हँसाना तेरा
वो मेरी मीठी निदिया , थपकी देकर
अपने सीने पर सुलाना तेरा
गाल पर मेरे, काला टिका
रोज नजर का लगाना तेरा
कैसे कहु? कितना याद आता है
नींद नही आती है, अक्सर रातों को
गुनगुनाती है आज भी लोरिया
आकर मुझे सुला जाती है।।
माँ, मेरी माँ,तेरी बहुत याद आती है॥

(लेखक : सोनू सहगम )

14 Comments

  1. shalu verma 08/05/2016
    • सोनू सहगम 08/05/2016
  2. prachi singh 08/05/2016
    • सोनू सहगम 08/05/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 08/05/2016
    • सोनू सहगम 08/05/2016
  4. Meena bhardwaj 08/05/2016
    • sonu sahgam 09/05/2016
  5. Shishir "Madhukar" 08/05/2016
    • sonu sahgam 09/05/2016
  6. babucm 09/05/2016
    • sonu sahgam 09/05/2016
  7. निवातियाँ डी. के. 09/05/2016
    • सोनू सहगम 09/05/2016

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