यादें – शिशिर मधुकर

वैसे तो हर एक जिस्म में सांसे वही होती हैं
चाहत मगर उनको एक ख़ुशबू में डुबोती है
उम्र भर दुनियाँ में कितने ही लोग मिलते है
पर सब से मिलकर तो चेहरे नहीँ खिलते है
सूरत का आईना हमें जो तस्वीर दिखाता है
आँखों के रास्ते वही फ़िर दिल में समाता है
सागर में ज्यों आसा कभी होती नहीँ सफाई
भूलें नहीँ भुलाती यादें दिल में जो है समाई.

शिशिर मधुकर

12 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 08/05/2016
    • Shishir "Madhukar" 08/05/2016
  2. Meena bhardwaj 08/05/2016
    • Shishir "Madhukar" 08/05/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 08/05/2016
  4. Shishir "Madhukar" 08/05/2016
  5. babucm 09/05/2016
  6. Shishir "Madhukar" 09/05/2016
  7. sarvajit singh 09/05/2016
    • Shishir "Madhukar" 09/05/2016
  8. MANOJ KUMAR 11/05/2016
    • Shishir "Madhukar" 12/05/2016

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