मदर डे के विशेष अवसर माँ के नाम एक छोटी सी प्रार्थना…………

मदर डे के विशेष अवसर माँ के नाम एक छोटी सी प्रार्थना !!

हे जग जननी, हे जग पालक, जीवन दायनी !
हे माते भवभामिनि तुझे कोटि कोटि प्रणाम !!

तेरे नाम से है मेरी पहचान माँ
तेरे जिगर लहू से मेरे प्राण माँ
पूत कपूत या सपूत मुझे भान नहीं
जो भी हूँ बस तेरा ही आभास माँ !!

हे जग जननी, हे जग पालक, जीवन दायनी !
हे माते भवभामिनि तुझे कोटि कोटि प्रणाम !!

कितने कष्टों को तूने हंसकर झेला
कितने प्रेम से मैं तेरी गोद में खेला
ग्रीष्म, वर्षा हो, या चले शीत लहर
सब के दुष्प्रभाव से मुझे बचाया माँ !!

हे जग जननी, हे जग पालक, जीवन दायनी !
हे माते भवभामिनि तुझे कोटि कोटि प्रणाम !!

तेरे आँचल के निश्छल प्रेम का
प्यासा रहता हर जीव यंहा पर
राम और कृष्ण भी हो लालायित
अवतरित हुए इस पावन धरा पर
तेरी कृपा से ही मैं कृतार्थ हूँ माँ !!

हे जग जननी, हे जग पालक, जीवन दायनी !
हे माते भवभामिनि तुझे कोटि कोटि प्रणाम !!

अगर तुम न होती मात मेरी
इस जग में मुझे लाता कौन
खुद जागकर रातो में मुझको
चैन की निंदिया सुलाता कौन
इस उपकार का ऋण कैसे उतारू माँ !!

हे जग जननी, हे जग पालक, जीवन दायनी !
हे माते भवभामिनि तुझे कोटि कोटि प्रणाम !!

तुझे कोई सम्भाले या न सम्भाले
पर तूने हम सबको खूब सम्भाला है
रसोई, साज सज्जा और ज्ञान की
परम देवी तुम कहलाती हो माँ !!

हे जग जननी, हे जग पालक, जीवन दायनी !
हे माते भवभामिनि तुझे कोटि कोटि प्रणाम !!

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डी. के. निवातियाँ [email protected]

16 Comments

  1. Rajeev Gupta 07/05/2016
    • निवातियाँ डी. के. 07/05/2016
  2. Rajeev Gupta 07/05/2016
    • निवातियाँ डी. के. 07/05/2016
  3. Inder Bhole Nath 07/05/2016
    • निवातियाँ डी. के. 07/05/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 07/05/2016
  5. निवातियाँ डी. के. 07/05/2016
  6. Shishir "Madhukar" 08/05/2016
    • निवातियाँ डी. के. 08/05/2016
  7. Meena bhardwaj 08/05/2016
  8. निवातियाँ डी. के. 08/05/2016
  9. babucm 08/05/2016
    • निवातियाँ डी. के. 09/05/2016
  10. sarvajit singh 09/05/2016
    • निवातियाँ डी. के. 11/05/2016

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