सैलाब – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

सैलाब

इस दिल की दुनिया बसाई थी हमने
तेरी ही मोहब्बत में …………………………..
आंसूओं के सैलाब में बह गयी
तेरी बेवफाई से वो …………………………

शायर : सर्वजीत सिंह
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4 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 06/05/2016
    • sarvajit singh 06/05/2016
  2. Shishir "Madhukar" 06/05/2016
    • sarvajit singh 06/05/2016

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