असर – शिशिर मधुकर

तूने चाहा मुझे तो मुझको ये एहसास हुआ
कोई तो बात है जो अब भी मुझमे बाकी है
मय के असर का पता तो तब ही चलता है
मयकश तक जब ले जाती उसको साकी है.

शिशिर मधुकर

10 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 03/05/2016
  2. Shishir "Madhukar" 03/05/2016
  3. babucm 03/05/2016
    • Shishir "Madhukar" 03/05/2016
  4. Meena bhardwaj 03/05/2016
  5. Shishir "Madhukar" 03/05/2016
  6. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 03/05/2016
    • Shishir "Madhukar" 03/05/2016
  7. sarvajit singh 03/05/2016
  8. Shishir "Madhukar" 04/05/2016

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