नसीब – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

नसीब

नसीब में जो लिखा हुआ है
उसे कोई मिटा नहीं सकता …………………
पर किस्मत को बदलते हुए देखा है मैने
खुदा से की गयी दुआयों से ……………….

शायर : सर्वजीत सिंह
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6 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 04/05/2016
    • sarvajit singh 04/05/2016
  2. babucm 04/05/2016
    • sarvajit singh 04/05/2016
  3. निवातियाँ डी. के. 04/05/2016
    • sarvajit singh 04/05/2016

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