तमन्ना – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

तमन्ना

तेरे बिन जीने की …………………
अब कोई तमन्ना ही नहीं
क्योंकि तेरी बेवफाई ने कर दिया
क़त्ल मेरे अरमानों का ……………..

शायर : सर्वजीत सिंह
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4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 03/05/2016
  2. sarvajit singh 03/05/2016
  3. निवातियाँ डी. के. 03/05/2016
  4. sarvajit singh 03/05/2016

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