दीवानापन – शिशिर मधुकर

प्यार करते हैं हम तुम्हे मगर दीवानापन नहीं
जिसको था हम पे नाज़ तू अब वो सनम नहीं
जिस दिन से मेरा मान तूने औरों को दे दिया
ना चाह कर भी बीच अपने आ गई हैं दूरीयां
याद कर वो वक्त जब हम होते थे तेरी शान
हर सांस मेरी थी तब बस तुझ पर ही कुर्बान
नासमझी में तूने मगर हमें कुछ जख्म दिए हैं
नासूर बन के मुझको वो अब परेशान किये हैं
सिन्दूर अपना गर्व से तू जब भी मुझे बनाएगी
तेरे लिए वो दीवानगी फिर लौट लौट आएगी.

शिशिर मधुकर

12 Comments

  1. babucm 28/04/2016
    • Shishir "Madhukar" 28/04/2016
  2. निवातियाँ डी. के. 28/04/2016
  3. Shishir "Madhukar" 28/04/2016
  4. Rajeev Gupta 28/04/2016
  5. Shishir "Madhukar" 28/04/2016
  6. MANOJ KUMAR 28/04/2016
    • Shishir "Madhukar" 29/04/2016
  7. Er. Anuj Tiwari"Indwar" 29/04/2016
    • Shishir "Madhukar" 29/04/2016
  8. Meena bhardwaj 01/05/2016
  9. Shishir "Madhukar" 01/05/2016

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