वो चाँद कभी…

ये सितारें जो युं इतरा रहे हैं आज
जिस चाँद की रौशनी पे
शायद इन्हें खबर नहीं है
वो चाँद कभी हमारा हुआ करता था

… इंदर भोले नाथ…
http://merealfaazinder.blogspot.in/
addtext_com_MTAxMzEzMTY1Njc0

6 Comments

  1. babucm 28/04/2016
  2. Inder Bhole Nath 28/04/2016
  3. Shishir "Madhukar" 28/04/2016
  4. निवातियाँ डी. के. 28/04/2016

Leave a Reply