बेचैन – शिशिर मधुकर

अपनी नज़रों से जो चाहे मुझे किस्मत में वो दो नैन नहीं
नफरत भरे तेरे प्रेम से मेरी रूह को मिले कोई चैन नहीं
इतनी बड़ी दुनियाँ में कोई दिल पर हाथ रख ये कह तो दे
एक हमकदम हमसफ़र की खातिर दिन रात वो बेचैन नहीं

शिशिर मधुकर

12 Comments

  1. babucm 26/04/2016
    • Shishir "Madhukar" 26/04/2016
  2. निवातियाँ डी. के. 26/04/2016
    • Shishir "Madhukar" 26/04/2016
  3. अरुण जी अग्रवाल 26/04/2016
    • Shishir "Madhukar" 26/04/2016
  4. sarvajit singh 26/04/2016
    • Shishir "Madhukar" 26/04/2016
  5. Meena bhardwaj 26/04/2016
  6. Shishir "Madhukar" 26/04/2016
  7. MANOJ KUMAR 27/04/2016
  8. Shishir "Madhukar" 27/04/2016

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