नाज़ – शिशिर मधुकर

तुम्हे जब भी अकेले में खुद पर एक नाज़ सा हो
दिल में लहरें सी उठें और वो खुश मिज़ाज़ सा हो
जान लेना कि उस वक्त मैंने ही तुम्हे याद किया
तुम सलामत रहो अल्लाह से यही फ़रियाद किया.

शिशिर मधुकर

12 Comments

  1. babucm 27/04/2016
    • Shishir "Madhukar" 27/04/2016
  2. प्रियंका 'अलका' 27/04/2016
    • Shishir "Madhukar" 27/04/2016
  3. anuj tiwari 27/04/2016
    • Shishir "Madhukar" 27/04/2016
  4. Meena bhardwaj 27/04/2016
    • Shishir "Madhukar" 27/04/2016
  5. निवातियाँ डी. के. 27/04/2016
  6. Shishir "Madhukar" 27/04/2016
  7. sarvajit singh 27/04/2016
  8. Shishir "Madhukar" 27/04/2016

Leave a Reply