लंबा साथ – शिशिर मधुकर

तेरे नित झगड़ों से तंग आकर के मुर्दा से हो गए हैं हम
जी भर के तू हमको तड़पा ले आँखे अब ना होंगी नम
जो तू ये समझता है घिर कर मज़बूर से हो जाएंगे हम
लाख कलहों से लेकिन दूरी बीच दिलों के ना होगी कम.

तू कह सकता है सब कुछ गर हमको अपना माना हो
गिले-शिकवे कभी होंगे नहीं अगर तूने हमें पहचाना हो
कमियाँ सब में होती हैं और हम तुम भी अपवाद नहीं
बातों को इतना मत खींचों जो लम्बा साथ निभाना हो.

शिशिर मधुकर

16 Comments

  1. MANOJ KUMAR 24/04/2016
    • Shishir "Madhukar" 25/04/2016
  2. प्रियंका 'अलका' 25/04/2016
    • Shishir "Madhukar" 25/04/2016
  3. babucm 25/04/2016
    • Shishir "Madhukar" 25/04/2016
  4. Meena bhardwaj 25/04/2016
    • Shishir "Madhukar" 25/04/2016
  5. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 25/04/2016
  6. Shishir "Madhukar" 25/04/2016
  7. Archana mehta 25/04/2016
  8. Shishir "Madhukar" 25/04/2016
  9. निवातियाँ डी. के. 25/04/2016
  10. Shishir "Madhukar" 25/04/2016
  11. sarvajit singh 26/04/2016
  12. Shishir "Madhukar" 26/04/2016

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