बाते……….तेरी बाते …..! ………( प्रेम गीत )

बाते……ओ बाते ….वो बाते…..तेरी बाते ……!
पल में हँसाती है, ये पल में रुलाती है तेरी बाते …..!!

गुस्ताखियाँ भी है इनमे
थोड़ा…थोड़ा प्यार भी है,
नादानियों के संग जिनमे
तेरी चाहत का इकरार भी है,
इसलिए सुनने का दिल करता है तेरी बाते !

बाते……ओ बाते ….वो बाते…..तेरी बाते ……!
पल में हँसाती है, ये पल में रुलाती है तेरी बाते …..!!

कभी ये तीर सी चुभती है
कभी तलवार सी चलती है
अगले ही पल में फिर से ये
फूलों की बरसात करती है
कितनी प्यारी लगती है ये बाते ..तेरी बाते !

बाते……ओ बाते ….वो बाते…..तेरी बाते ……!
पल में हँसाती है, ये पल में रुलाती है तेरी बाते …..!!

गुस्से में हो तो ये आग उगलती है
प्यार में सरगम का राग बुनती है
माना की मेरी कमजोरी हो तुम
इसलिए इतना सितम करती हो
फिर भी हमे अच्छी लगती है ये बाते ..तेरी बाते !

बाते……ओ बाते ….वो बाते…..तेरी बाते ……!
पल में हँसाती है, ये पल में रुलाती है तेरी बाते …..!!
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डी. के. निवातियाँ [email protected]

10 Comments

  1. babucm 23/04/2016
    • निवातियाँ डी. के. 23/04/2016
  2. Meena bhardwaj 23/04/2016
    • निवातियाँ डी. के. 23/04/2016
  3. sarvajit singh 23/04/2016
    • निवातियाँ डी. के. 23/04/2016
  4. Shishir "Madhukar" 23/04/2016
    • निवातियाँ डी. के. 25/04/2016
  5. MANOJ KUMAR 24/04/2016
    • निवातियाँ डी. के. 25/04/2016

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