जय हिन्द भारत विशाल ,रचना -डॉ उमेश चमोला

शहर -शहर,गाँव -गाँव,
धूप-धूप,छाँव -छाँव,
कारवां बढ़ता रहे,लेकर शिक्षा मशाल,
जय हिन्द भारत विशाल.

दीप से दीप जले,
तमस किसी को न छले,
हँसते गाते आगे बढे
रहे देश खुशहाल,
जय हिन्द भारत विशाल.

एक राष्ट्र,एक वासी,
छाई रहे क्यों उदासी,
लक्ष्य भी पुनीत एक,
शिखर चूमें राष्ट्र भाल,
जय हिन्द भारत विशाल.

अलग रंग,अलग फूल,
एक गुलिस्ता न भूल,
माटी खाद एक है,
राष्ट्र की है एक डाल,
जय हिन्द भारत विशाल.

बैरी की टेड़ी निगाहें,
रोक लें हम सब की राहें,
मिटा देंगे या मिटेंगे ,
झुकने नहीं देंगे भाल,
जय हिन्द भारत विशाल.
——-डॉ उमेश चमोला

6 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 21/04/2016
    • Umesh Chamola 21/04/2016
  2. अरुण जी अग्रवाल 21/04/2016
    • Umesh Chamola 21/04/2016
  3. MANOJ KUMAR 25/04/2016
    • Umesh Chamola 25/04/2016

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