१०. तेरे ही मैं साथ…………………..|प्रेम गीत|– “मनोज कुमार”

बिंदिया लगाऊँ मैं तो महेंदी लगवाऊँगी
पायल मैं पहनूँगी साड़ी रेशमी मँगाऊँगी
तेरे ही मैं साथ ये उमरिया बिताऊँगी
तेरे लिए रूप ये सिंगार मैं कराऊँगी

तेरे ही मैं साथ ये उमरिया बिताऊँगी
तेरे लिए रूप ये सिंगार मैं कराऊँगी…………………………

कजरा बनाके तुझे आँखों में बसा लूँगी
गजरा बनाके तुझे जुल्फों में सजा लूँगी
बेल बनाके तुझे तन से मैं लिपटा लूँगी
होठों के पैमाने से मैं मदिरा पिला दूँगी

तेरे ही मै साथ ये उमरिया बिताऊँगी
तेरे लिए रूप ये सिंगार मैं कराऊँगी…………………………

जब जहाँ सोओगे तो बिस्तर बन जाऊँगी
तेरी जिन्दगी का मैं तो साया बन जाऊँगी
तेरी रज धूल अपने माथे पे सजाऊँगी
तेरी राहों में मैं अपने पलके बिछाऊँगी

तेरे ही मैं साथ ये उमरिया बिताऊँगी
तेरे लिए रूप ये सिंगार मैं कराऊँगी…………………………

जोगन बन गई मैं साजन तेरे प्यार मैं
भूल गई सारी दुनिया रश्मों रिवाज मैं
कंगन मेरे झुमके भी बजते सुर ताल में
तेरे ही तो प्रेम गीत गाती इन्तजार मैं

तेरे ही मैं साथ ये उमरिया बिताऊँगी
तेरे लिए रूप ये सिंगार मैं कराऊँगी…………………………

कहीं भी बुलाओ प्यारे तुमसे मिलने आऊँगी
रोके चाहे सारी दुनिया भागी चली आऊँगी
पल भर भी जो रहूँ दूर मैं तो मर जाऊँगी
सब कुछ अपना वार दूँगी खुशियाँ लुटाऊँगी

तेरे ही मैं साथ ये उमरिया बिताऊँगी
तेरे लिए रूप ये सिंगार मैं कराऊँगी…………………………

“मनोज कुमार”

6 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 20/04/2016
  2. Vinod yadav 20/04/2016
  3. अरुण अग्रवाल 20/04/2016
  4. MANOJ KUMAR 21/04/2016
  5. Vimal Kumar Shukla 21/04/2016
  6. MANOJ KUMAR 21/04/2016

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