सुनो …..!

सुनो …..!

सुनो ………!!
मेरी खामोशियो को
नजर अंदाज़ मत करना,
!
समझकर कोई गीत
इन्हे साज दे देना…!!
!
उभर आयेंगे अल्फाज़ खुद-ब- खुद
देकर इन्हे आवाज
तुम गुनगुना देना !
!
फिर थिरकना होल से
तुन इनकी धुन पर
देखकर खुद को आईने में,
फिर मंद से मुस्कुरा देना !!

!
!
!
डी. के. निवातियाँ [email protected]

12 Comments

  1. sarvajit singh 17/04/2016
    • निवातियाँ डी. के. 18/04/2016
    • निवातियाँ डी. के. 18/04/2016
  2. Shishir "Madhukar" 17/04/2016
    • निवातियाँ डी. के. 18/04/2016
    • निवातियाँ डी. के. 18/04/2016
  3. Meena bhardwaj 19/04/2016
  4. babucm 19/04/2016
  5. Saviakna 19/04/2016
    • निवातियाँ डी. के. 20/04/2016

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