तन्हाई – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

तन्हाई

तन्हाई में उदासी के गले लग के
बहुत रोये हैं हम ……………….
इक-इक पल मरते रहे ………..
फिर भी निकला ना अपना दम

शायर : सर्वजीत सिंह
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6 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 13/04/2016
    • sarvajit singh 13/04/2016
  2. Saviakna 13/04/2016
  3. sarvajit singh 13/04/2016
  4. Shishir "Madhukar" 13/04/2016
    • sarvajit singh 13/04/2016

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