७. तेरी ही याद मुझे………. |गीत|– “मनोज कुमार”

तुमसे जो दिल सनम ना लगाते
चैन अपना ना दिल जाँ गवाँते …………………..

भुला बैठे है दुनिया हम सारी
तेरी चाहत के बन गये पुजारी
जिया तेरी के हो गये दीवाने
अब कटती नही दिन ना रातें

तुमसे जो दिल सनम ना लगाते
चैन अपना ना दिल जाँ गवाँते …………………..

जब छनकें ये तेरी ओ पायल सनम
बेताबी मिलन की बढ़ जाती सनम
ओ अदाओं का तेरी दीवाना हूँ मैं
तेरे दीदार का हूँ भिखारी भी मैं

तुमसे जो दिल सनम ना लगाते
चैन अपना ना दिल जाँ गवाँते …………………..

चली जाना ना मझधार में छोड़कर
साथ जोड़ा जो था रिश्ता वो तोड़कर
सिवा तेरे ना कुछ भी है पास मेरे
याद तू है और तेरी ही याद मुझे

तुमसे जो दिल सनम ना लगाते
चैन अपना ना दिल जाँ गवाँते …………………..
“मनोज कुमार”

3 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 11/04/2016
  2. निवातियाँ डी. के. 11/04/2016
  3. MANOJ KUMAR 12/04/2016

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