फ़लसफ़ा………………….( मुक्तक )

आज फिर राह में, जिंदगी से मुलाक़ात हो गई
बीते लम्हों की याद में आँखों से बरसात हो गई
एक ठोकर ने समझा दिया फ़लसफ़ा जिंदगी का
वरना अभी तक तो जिंदगी यूँ ही बर्बाद हो गई !!
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डी. के. निवातियाँ [email protected]

10 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 05/04/2016
    • निवातियाँ डी. के. 06/04/2016
  2. Saviakna 06/04/2016
    • निवातियाँ डी. के. 06/04/2016
  3. babucm 06/04/2016
    • निवातियाँ डी. के. 06/04/2016
  4. sukhmangal singh 06/04/2016
  5. dknivatiya 06/04/2016
  6. Mohit rajpal 07/04/2016
    • निवातियाँ डी. के. 07/04/2016

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