हर बात तुम्हारी अच्छी है

मैं तुम से बेहतर लिखता हूँ..
पर भाव तुम्हारे अच्छे हैं

मैं तुमसे बेहतर दिखता हूँ
पर अदा तुम्हारी अच्छी है

मैं तुमसे बेहतर गाता हूँ
पर धुन तुम्हारी अच्छी है

मैं रहता खुश हरदम हूँ
पर मुस्कान तुम्हारी अच्छी है

मैं ग़ज़ल खूब कहता हूँ
पर तक़रीर तुम्हारी अच्छी है

मैं कितना भी कुछ कहता रहूँ
पर हर बात तुम्हारी अच्छी है
(this mine poem was published in dainik bhaskar Madhurima on 04.11.2015 under Heading Tumhari Baat)

17 Comments

  1. Safaq Jamal 05/04/2016
  2. babucm 06/04/2016
    • Srishti Sharma 24/06/2019
      • C.M. Sharma 25/06/2019
    • C.M. Sharma 25/01/2018
    • Tej Dewangan 28/02/2018
      • C.M. Sharma 28/02/2018
        • Tej Dewangan 28/02/2018
          • C.M. Sharma 01/03/2018
  3. डी. के. निवातिया 25/01/2018
    • C.M. Sharma 29/01/2018
  4. Rajveer singh bhati 26/05/2019
  5. दीप्ति मिश्रा 24/07/2019
  6. Amita Punjabi 27/11/2019
  7. C.M. Sharma 28/11/2019
    • Priyanka Parashar 19/09/2020

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